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Internet Journey In India भारत में इंटरनेट का 30 साल का सफर: 9.6Kbps से 5G तक की पूरी कहानी

Published On: August 14, 2025
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Internet Journey In India आज हम एक ऐसे डिजिटल युग में जी रहे हैं, जहां इंटरनेट हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में इंटरनेट की शुरुआत कब और कैसे हुई? 15 अगस्त 2025 को भारत में इंटरनेट के सार्वजनिक लॉन्च को पूरे 30 साल पूरे हो गए हैं। इस दौरान इंटरनेट ने न सिर्फ तकनीक, बल्कि समाज, कारोबार और जीवनशैली को भी पूरी तरह बदल डाला। आइए जानते हैं 1986 की रिसर्च नेटवर्क से लेकर आज के 5G युग तक का यह रोमांचक सफर।

Internet Journey In India

शुरुआती दौर: रिसर्च नेटवर्क से शुरुआत (1986)

भारत में इंटरनेट की पहली झलक 1986 में देखने को मिली, जब ERNET (Education and Research Network) प्रोजेक्ट लॉन्च हुआ। इसका उद्देश्य तकनीकी और शैक्षणिक संस्थानों को आपस में जोड़ना था। उस समय इंटरनेट सिर्फ रिसर्च और अकादमिक उपयोग तक सीमित था। आम जनता के लिए यह तकनीक उपलब्ध नहीं थी और न ही इसकी कोई कल्पना कर सकता था कि एक दिन यह हर घर तक पहुंचेगा।

पहली सार्वजनिक इंटरनेट सेवा: 15 अगस्त 1995

भारत में इंटरनेट आम लोगों तक 15 अगस्त 1995 को पहुंचा, जब विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) ने पहली बार पब्लिक और कमर्शियल इंटरनेट सेवा शुरू की। यह दिन खास था क्योंकि यही भारत का स्वतंत्रता दिवस भी है।

उस समय इंटरनेट स्पीड बेहद धीमी थी — औसतन 9.6Kbps। कनेक्शन डायल-अप सिस्टम पर आधारित था, जो महंगा और सीमित उपयोग वाला था। इंटरनेट मुख्य रूप से सरकारी विभागों, कॉर्पोरेट ऑफिस और कुछ चुनिंदा संस्थानों तक सीमित था।

90 का दशक: चुनौतियां और धीमी प्रगति

1990 के दशक के अंत तक इंटरनेट का विस्तार धीमी गति से हो रहा था। डायल-अप कनेक्शन अक्सर डिस्कनेक्ट हो जाते थे और डेटा ट्रांसफर स्पीड बेहद कम थी। हाई कॉस्ट और लिमिटेड एक्सेस ने इंटरनेट को आम जनता से दूर रखा। इसके बावजूद कुछ निजी कंपनियां आगे आईं, जिन्होंने भारत में इंटरनेट को बढ़ावा देने की शुरुआत की।

2000 का दशक: निजी कंपनियों का आगमन और ब्रॉडबैंड क्रांति

1998 में Satyam Infoway भारत का पहला निजी इंटरनेट सेवा प्रदाता बना। इसके बाद 2004 में भारत सरकार ने पहली ब्रॉडबैंड पॉलिसी पेश की, जिसने इंटरनेट को हमेशा जुड़े रहने वाली (Always On) सेवा में बदल दिया।
ब्रॉडबैंड ने स्पीड और क्वालिटी दोनों में सुधार किया, जिससे इंटरनेट शिक्षा, कारोबार और मनोरंजन के लिए महत्वपूर्ण टूल बन गया।

मोबाइल इंटरनेट और 3G-4G का दौर

India After 30 Years Internet

2000 के दशक के मध्य में मोबाइल इंटरनेट ने भारत में बड़ा बदलाव लाया। 3G नेटवर्क के लॉन्च से वीडियो कॉल, ऑनलाइन गेमिंग और तेज़ ब्राउज़िंग संभव हुई। इसके बाद 2016 में 4G नेटवर्क के विस्तार और सस्ते डेटा प्लान (खासकर जियो के आने के बाद) ने इंटरनेट यूजर्स की संख्या में जबरदस्त उछाल लाया।

आज भारत दुनिया में मोबाइल डेटा के सबसे सस्ते दाम प्रदान करने वाले देशों में शामिल है। इससे ग्रामीण इलाकों में भी इंटरनेट की पहुंच तेजी से बढ़ी।

वर्तमान: 70 करोड़ से अधिक इंटरनेट यूजर्स

2023 तक भारत में 70 करोड़ से अधिक एक्टिव इंटरनेट यूजर्स हैं, जिनमें लगभग 40 करोड़ ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। इंटरनेट स्पीड 100Mbps से अधिक तक पहुंच चुकी है और फाइबर-टू-होम (FTTH) सेवाएं तेजी से फैल रही हैं।
भारत सरकार की डिजिटल इंडिया, भारतनेट जैसी योजनाओं ने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है, जिससे ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर को नई दिशा मिली है।

भविष्य: 5G और उससे आगे

भारत में 5G तकनीक पहले से ही कई शहरों में उपलब्ध है। यह अल्ट्रा-फास्ट स्पीड, लो लेटेंसी और बड़े डेटा ट्रांसफर की क्षमता के साथ स्मार्ट सिटीज़, IoT (Internet of Things), इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और सेल्फ-ड्राइविंग कार जैसे प्रोजेक्ट्स को नई ऊर्जा दे रही है।

टाटा कम्युनिकेशन, क्वालकॉम और अन्य टेक कंपनियां इस डिजिटल क्रांति में अहम भूमिका निभा रही हैं। आगे चलकर, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), क्लाउड कम्प्यूटिंग और 6G जैसी तकनीकें इंटरनेट को और भी शक्तिशाली बनाने वाली हैं।

1995 में सार्वजनिक इंटरनेट की शुरुआत से लेकर आज के 5G युग तक, भारत में इंटरनेट ने शिक्षा, बिजनेस, हेल्थकेयर, मनोरंजन और सामाजिक अभियानों के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। आने वाले वर्षों में, यह डिजिटल सफर भारत को वैश्विक टेक लीडर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों, सरकारी डाटा और तकनीकी रिपोर्ट्स पर आधारित है। समय के साथ इसमें बदलाव संभव है।

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Kuldeep Kushwaha

नमस्कार, मैं कुलदीप कुशवाहा अपना डिजिटल करियर की शुरुआत जून 2017 में की और आज TezAwaaz.com पर मेरा काम टेक्नॉलजी, जनरल नॉलेज और ऑटोमोबाइल से सबंधित जानकारी को आपके साथ साझा करना।

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